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मोबाइल में हिंदी वेबसाईट खोलने का तरीका

आपने देखा होंगा की मोबाइल में कोई हिंदी की वेबसाईट खोलने पर डब्बे डब्बे से बने हुवे आजाते है ये उन फोन में होता है जो हिंदी को स्पोट नहीं करते वेसे तो आजकर हर फोन में हिंदी की सुविधा होती है लेकिन कुछ फोन ऐसे भी है जो महंगे होने के बाद भी हिंदी फॉण्ट को स्पोट नहीं करते जिनमे से कुछ फोन नोकिया के ऍन सिरिंज के फोन है जिनमे कोई हिंदी की वेबसाईट खोलने पर डब्बे डब्बे से बने हुवे आ जाते है आज मैं आपको एक ऐसा तरीका बता रहा हु जिसे करने के बाद आप अपने मोबाइल में कोई भी हिंदी की वेबसाईट को आराम से देख पाओगे वेसे तो ये तरीके पहले भी कई तकनिकी ब्लॉग पर दिए गये है लेकिन ये तरीका मैं पहली बार अपनी साईट पर दे रहा हु ताकि आपमें से किसी न किसी के तो काम आ ही जाये

सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में यहाँ से ओपेरा मिनी डाउनलोड करना होगा
मोबाइल में ओपेरा मिनी इंस्टाल होने के बाद ऊपर एड्रस बार में आपको ये about:config टाइप करना है
टाइप करने के बाद गो बटन पर ओके  कर दे
अब जो पेज खुलेगा उसमे Use bitmap fonts for complex scripts setting and select (Yes) को यस कर दे और सेव बटन पर क्लीक कर के किसी भी हिंदी वेबसाईट का मजा अपने मोबाइल पर ले उम्मीद करता हु ये तरीका उन सब के मोबाइल पर भी काम करेगा जिनके मोबाइल हिंदी को स्पोट नहीं करते

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए क्या करना होगा

6 आसान स्टेप और बदल जाएगी कंपनी
- मोबाइल फोन से (PORT) पोर्ट 10 अंकों का मो.नं. लिखकर उसे यूनिक नंबर 1900 पर मेसैज करना होगा ।
- एसएमएस भेजते ही आपको आठ अंकों का यूनिक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) प्राप्त हो जाएगा।
- इस कोड को एक निर्धारित फार्मेट (एमएनपी), कस्टमर एप्लीकेशन फार्म के साथ वांछित कंपनी के आउटलेट पर एक फोटो और एड्रेस प्रूफ सहित जमा कराना होगा।
- नई कंपनी द्वारा आपको नई सिम दी जाएगी। यह सुनिश्चित करने के बाद कि कोई बकाया नहीं है मौजूदा कंपनी हरी झंडी देगी।
- प्रक्रिया पूर्ण होने में लगने वाले घंटे एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ता को बताएगी। आपके खाते में से 19 रुपए काटे जाएंगे।
- नेटवर्क शिफ्टिंग का उपभोक्ता को एसएमएस प्राप्त होगा तो उपभोक्ता को नई सिम लगानी होगी। इसके बाद आपकी कंपनी बदल जाएगी।
यह हैं सीमाएं
- एक सर्कल से दूसरे सर्कल में इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे यानी यूपी सर्कल का बीएसएनएल उपभोक्ता दिल्ली सर्कल में जाकर कंपनी नहीं बदल सकता।
- पुरानी कंपनी का कुछ बकाया लेकर अगर कंपनी बदल भी ली तो बकाया 90 दिनों में जमा कराना होगा वर्ना इसके बाद नई कंपनी द्वारा भी नंबर बंद कर दिया जाएगा।
- यह पता लगाने में दिक्कत होगी कि यह नंबर वर्तमान में किस कंपनी के पास है। इससे इंटर कंपनी मिलने वाले लुभावने ऑफर को उपभोग करने में परेशानी हो सकती है।
- जो भी बैलेंस है उसका मोह छोड़ना होगा क्योंकि वो कैरीफॉरवर्ड नहीं होगा। नई सिम में बैलेंस जीरो रहेगा। फिर से समस्त रिचार्ज कराना होंगे।
- जब अंतिम रूप से एक कंपनी नई कंपनी को नंबर हैंडओवर करेगी तब दो घंटे के लिए मोबाइल में नेटवर्क नहीं रहेगा। हालांकि यह समय अमूमन देर रात का ही होगा।
- एक कंपनी के साथ कम से कम 90 दिनों के लिए तो रहना ही होगा, इसके पहले आप कंपनी नहीं बदल पाएंगे।
- यूपीसी कुछ दिनों के लिए ही मान्य होगा कंपनी नहीं बदलने पर वो अपने आप रद्द हो जाएगा।
यह सुविधाएं मिलेंगी
- उपभोक्ता अगर सीडीएमए नंबर से परेशान हैं तो वो दूसरी कंपनी के जीएसएम में भी उस नंबर को बदल सकता है।
- पोस्टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्टपेड भी मोबाइल नंबर को नई कंपनी के साथ बदला जा सकता है।
ये नंबर नहीं बदल सकेंगे कंपनी
- मोबाइल नंबर जो किसी एग्रीमेंट के तहत जारी किया गया हो।
- नंबर कॉपरेरेट या कंपनी द्वारा प्रदान किया गया हो।
- नंबर जो सेवा विशेष के लिए जारी किया गया हो जैसे हेल्पलाइन,एम्बुलेंस, इमरजेंसी।
- नंबर जांच एजेंसी,कोर्ट इन्क्वायरी में शामिल हो।
- राशि बकाया हो।